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डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस क्या है।क्या है इसका फ्यूचर।

डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस क्या है।क्या है इसका फ्यूचर।

Hello friends good morning

मै मनीष कुमार आज मै बात करूंगा।डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस क्या है।क्या है इसका फ्यूचर।


डायरेक्ट सेलिंग की बात किया जाए।तो इसे एक अद्भुत बिज़नेस कहा जा सकता है।वो भी 21वी सदी की।

डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस की शुरुआत सबसे पहले 1940 में अमेरिका में हुई थी।इसकी शुरुआत डोकैलीफॉनिर्यन ली. माइंटिंगर और विलियम कसैलबेरी ने किया था। 

शुरुआत में किसी ये यकीन नहीं किया था कि ये बिज़नेस लोगों को भारी मात्रा में रोजगार देगा।और साथ ही आर्थिक आजादी भी देगी।

लेकिन अभी के समय में डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री  ये साबित कर चुकी है।
   
डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस क्या है।क्या है इसका फ्यूचर।

वर्तमान में ये इंडस्ट्री दुनिया भर में एक क्रांति ला दी है।और इसमें सबसे नंबर 1 में अमेरिका है। इतिहास गवाह है जिसने भी इस बिज़नेस को समझ लिया।उसकी ज़िन्दगी बदल गई।

आज देश की इकोनोमिक बताने वाली वेबसाइट फिक्की और केपीएमजी ने भी साफ साफ कह दिया है।21 वी सदी सबसे बड़ी रोजगार देने वाली कोई इंडस्ट्री होगी तो वो डायरेक्ट सेलिंग होगी।

जिसे हम मल्टी लेवल मार्केट कहते है।

हमने आपको डायरेक्ट सेलिंग का फ्यूचर बता दिया।अब हम बात करेंगे डायरेक्ट सेलिंग में होता क्या है।
नीचे के figure में आप देख सकते है ट्रेडिशनल मार्केट और मल्टी लेबल मार्केट में फर्क।
Direct selling

Traditional market और multi level market में फर्क।

ट्रेडिशनल मार्केट के जरिए जो भी प्रोडक्ट का इस्तेमाल हम करते है।उस प्रोडक्ट को कंपनी कस्टंबर तक पहुंचाने के लिए एडवर्टाइज का सहारा लेती है।और साथ में कई लोग होते है।
और प्रोडक्ट के 60% पैसा उन सब में बंट जाता है।

वही दूसरी तरफ मल्टी लेवल मार्केट में देखा जाए तो ये 60% पैसा बचा कर कंपनी अपने साथ जुड़ने वाले लोगो को बांट देती है।

आज के समय में ये बिज़नेस काफी ट्रेंडिंग में चल रही है।और लोगों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में बहुत बड़ा योगदान दे रही है।

अगर आप इस इंडस्ट्री से जुड़कर अपना कैरियर बनाने के लिए सोच रहे है। तो आपको एक सही कंपनी का चुनाव करना होगा।

अगली पोस्ट में हम बात करेंगे। मल्टी लेवल मार्केट में एक सही कंपनी का चुनाव कैसे करें।

फ्रेंड्स अगर आपको ये पोस्ट अच्छा लगा तो कॉमेंट मै अपनी राय जरूर बताएं।

मनीष कुमार


पेसिव इनकम क्या है।पूरी जानकारी हिंदी में।

पेसिव इनकम क्या है।पूरी जानकारी हिंदी में।

दोस्तों गुड मॉर्निंग।आज हम बात करेंगे पेसिव इनकम क्या है।क्या पेसिव इनकम हम सब के लिए जरूरी है।

क्या पेसिव इनकम सिर्फ उनलोगों को करना चाहिए जिसके पास रोज़गार नहीं है।या फिर पेसिव इनकम की तैयारी सभी को करना चाहिए।

आज हम इस पोस्ट में पूरी चर्चा करेंगे।

सबसे पहले हम एक कहानी को समझते है।फिर आगे बात करेंगे।


एक गांव में दो दोस्त रहता था।एक का नाम सोनू और एक का नाम मोनू था।दोनों पेशे से किसान था।दोनों अपने अपने खेतों में फसल उपजाता था,और उसी अपनी जीवन यापन करता था।

एक दिन सोनू घर में बैठा - बैठा सोच रहा था।अगर मै अभी बीमार पड़ जाऊं,या फिर मै इस दुनिया में ना रहूं।तो मेरा परिवार को कौन कमा कर खाने देगा।

सोनू हमेशा अपने फ्यूचर प्लानिंग को लेकर सोचता रहता था।

आखिर एक दिन सोनू ने आइडिया निकाल ही लिया।
और तुरंत जाकर मोनू को बताया।

सोनू ने कहा,दोस्त अगर हम अपने आधे खेत को बागान बना दे,और उसमे आम के पौधा लगा दे तो आने वाले फ्यूचर में बहुत अच्छा होगा।

अगर कल को फसल नहीं भी उपजा पाए या फिर इस दुनिया में नहीं भी रहे तो हमारे बच्चे को सोचना नहीं पड़ेगा।

इसपर मोनू ने साफ इंकार कर दिया।और हंसी में टाल दिया।
लेकिन सोनू ने ठान लिया था,मै ये करूंगा।
और सोनू अपने आधे खेतों को बागान बना दिया।फिर उसमे छोटा छोटा पौधा लगा दिया।

अब सोनू अपने फसल के साथ साथ उस आम के पौधा का भी देखभाल करने लगा।
कभी कभी सोनू को खेतों में, जाने में देर हो जाता तो मोनू अन्य किसान के साथ सोनू का मजाक भी बनाता था।

लेकिन सोनू को इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ता था

पेसिव इनकम क्या है।पूरी जानकारी हिंदी में।


कुछ साल बाद।

सोनू और मोनू बुढ़ापा के हालात में आ गया।और फसल भी सही से नहीं उगा पाता था।

और मोनू इस बात से काफी चिंतित रहता था। कि अपने परिवार को कैसे चलाएगा।

और सोनू इस बात से बहुत खुश था। कि अब उसको परिवार चलाने में अब कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।क्युकी उसका आम का पौधा अब बड़ा हो गया था।और फल भी होने लगा था।

दोस्तों इस कहानी से हमे यही सीख मिलती है। कि सोनू ने अपने एक्टिव इनकम के साथ साथ पेसिव इनकम की तैयारी शुरू कर दी।

लेकिन  मोनू  सिर्फ एक्टिव इनकम के भरोसे रहा।

जिसका रिजल्ट ये निकला । कि सोनू के परिवार को अब कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लेकिन मोनू आज परेशान हाल में है और अपने परिवार के जीवन यापन के लिए सोचना पड़ रहा है।

इस पोस्ट में बताया गया है कि पैसिव इनकम क्या है,पूरी जानकारी हिंदी में बताया गया है।
अब आपको समझ में आ गया होगा कि पेसिव इनकम कितना जरूरी है।

पेसिव इनकम क्या है।पूरी जानकारी हिंदी में।

दोस्तों पेसिव इनकम एक ऐसा इनकम है जिससे हम अपने फ्यूचर के लिए प्लानिंग कर सकते है।

और पेसिव इनकम कोई भी कर सकता है चाहे उसके पास रोज़गार हो या ना हो।

पैसिव इनकम करने के बहुत सारे रास्ते है।अब आपको कोई एक रास्ता चुनना होगा।ताकि आप अपना फ्यूचर प्लानिंग कर सके।

दोस्तों अगर आपको ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो कॉमेंट जरूर करे।

Thank you
Wish you wealth

By Manish